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बुधवार, 15 जून 2011

ये कट आफ: उफ़

सरकार और मानव संसाधन मंत्रालय के तमाम प्रयासों के बीच भी छात्रों को कालेज में प्रवेश के लिए कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है, कल दिल्ली के श्रीराम कालेज आफ कामर्स की कट आफ लिस्ट देखकर छात्रों के होश पाख्ता हो गए हैं इस साल जारी पहली कट आफ लिस्ट १०० फीसदी की है, कालेज के इस रवैये की चारों ओर भर्त्सना  हो रही है. कॉलेज की मंगलवार को जारी सूची के अनुसार, जिन छात्रों के पास 12वीं में बिजनेस स्टडीज, गणित, एकाउंटस और अर्थशास्त्र में से कोई विषय नहीं है तो उनके लिए बीकॉम में दाखिले के लिए सौ फीसदी कट ऑफ रखा गया है. साधारणतया इस सूची में विज्ञान के छात्र आते हैं. सिब्बल ने इस के लिए दिल्ली विश्विद्यालय के कुलपति को तो तलब किया ही साथ ही ये भी माना की देश में गुणवत्तापूर्ण कालेजों की कमी के चलते ये स्थिति पैदा हुयी है. इस प्रकार ९७-९८ फीसदी अंक लाने वाले छात्र भी प्रवेश से वंचित रह जायेंगे. सरकार को चाहिए की वह परीक्षा प्रणाली को सरल कर छात्रों को अधिक अंक लाने में सहायता करने के बजाय वास्तव में बुद्धिमान छात्रों को प्रोत्साहित करे. लेकिन सरकार केवल परीक्षा प्रणाली को सरल कर छात्रों को आकर्षित तो कर ले रही है लेकिन  इस तैयार भीड़ को खान समायोजित किया जाय इसके लिए कोई कदम उठा ही नहीं रही है. जब हमने छात्रों से इस बारे में बात की तो उनका कहना था की सब १०० प्रतिशत तो हो नहीं सकते हैं. अभी हाल के महीनों महीनों में रीलिज फिल्म फ़ालतू में विषय को काफी गहराई से दिखाया गया है. 
(इनसाईट स्टोरी कैम्पस टीम )

शुक्रवार, 10 जून 2011

विदेश में पढ़ाई अब आसान

पढाई.. वो भी विदेश में क्या कहने?  आज कल युवाओं में विदेश में पढाई का क्रेज बढ़ा है, एजुकेशनल कंसल्टेंट की माने तो आजकल देश या विदेश कहीं भी पढ़ी का खर्चा लगभग बराबर आता है, इसी लिए मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और हास्पिलिटी जैसे क्षेत्रों में विदेशों की ओर रुझान बढ़ा है. इसके लिए बाकायदा एजुकेशन लोन के साथ कंसल्टेंसी सभी कोर्सों की जानकारी के साथ एडमिसन और वीसा भी तैयार करवा देती है, इसके अलावा कुछ एजेंसी तो पार्ट टाइम जाब का भी इंतजाम करवा देती हैं. पहले महानगरों का ये शगल अब छोटे शहरों की ओर बढ़ रहा है, हायर स्टडी के लिए छोटे शहरों और गावों से भी छात्र जा रहे हैं. कहाँ क्या क्रेजी है देखिये? 


यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड- मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म, लाइफसाइंस, इंजीनियरिंग, आईटी, हेल्थ, फॉर्मेसी। 
सिंगापुर- हॉस्पिटेलिटी, बिजनेस मैनेजमेंट, एनिमेशन, पर्सनल सर्विस केयर। 
केनेडा- इंजीनियरिंग,आईटी,मैनेजमेंट, लाइफसाइंस हॉस्पिटेलिटी। 
संयुक्त राष्ट्र अमेरिका- आईटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट,लाइफसाइंस, हॉस्पिटेलिटी। 
ऑस्ट्रेलिया- आईटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, लाइफसाइंस, हॉस्पिटेलिटी। 
इसके अलावा फ्रांस, यूरोपियन देशों, मलेशिया और दुबई में भी स्टूडेंट्स का रुझान है, जिनका नंबर स्टूडेंट्स की पसंद के मामले में इन 6 देशों के बाद आता है।
इस बारे मैं ज्यादा जानकारी के लिए मेल करें: mantraedu@hotmail.com  

(सुषमा पाण्डेय)